कंप्यूटर क्या है ? – What is a Computer in Hindi

जब से कंप्यूटर का आविष्कार हुआ है और लोगों ने इसके बारे में जानना शरू किया है तब से लोगों में यह जानने की उत्सुकता बढ़ गयी है कि कंप्यूटर क्या है ( What is a Computer in Hindi ) और इसका आविष्कार कब और किसने था ?

कंप्यूटर इस युग का सबसे अहम् हिस्सा बन गया है और आज आपको किसी भी ऑनलाइन काम को करने के लिए  इंटरनेट  के साथ साथ  Computer की जरूरत पड़ती ही है या फिर कभी कभार आप अपने Mobile से कर लेतें है लेकिन अधिकतर मामलों में ऑनलाइन काम कंप्यूटर से ही संभव हो पाता है ।

Computer kya hai - Digital Madad
Computer kya hai – Digital Madad

आज आप अपना Food भी ऑनलाइन मंगा सकते है जो कि अगर हम आज से 5 साल पहले के समय मे देखे, तो यह इतना आसान नही था लेकिन जैसे जैसे Technology बदलती गयी और बेहतरीन Computer Available होते गए, हमारा काम और भी आसान होने लगा ।

इस आर्टिकल में आप जानने वाले हैं !

कंप्यूटर क्या है ? – What is a Computer in Hindi

कंप्यूटर एक Electronic Machine है जिसका मुख्य काम User के द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करना और उसके अनुसार Process करके Result को User के सामने Output के रूप में दिखाना होता है ।

Computer का Full Form “Commonly Operated Machine Particularly Used For Technical and Educational Research” होता  है।

Computer के नाम का आविष्कार Latin शब्द के “Computare” और अंग्रेजी के “Compute” शब्द से हुई है जिसका हिन्दी अर्थ होता है “गणना करना”

कंप्यूटर के Full Form से जुड़े और कई Full Forms जानने के लिए यह पोस्ट पढ़ सकतें हैं – Computer के Full Forms .

Computer मुख्य रूप से तीन चरणों मे कार्य करता हैं –

पहला है Input – Input वह प्रकिया है जिसमे कि हम Computer को करने के लिए Command देते है।

दूसरा चरण है Process – इस चरण के दौरान Computer हमारे द्वारा दिए गए आदेश को Process करता है।

तीसरा चरण है Output –  इस चरण में जो भी आपने Computer को आदेश दिया होगा और जो Computer के द्वारा Process किया गया होगा वह Display यानी Monitor में आपको दिखाई देगा।

कंप्यूटर का अर्थ – Meaning of Computer in Hindi

कंप्यूटर का हिंदी में अथ होता है – गणना करने वाला यंत्र जिसके द्वारा गणित के Questions को Solve किया जाता है लेकिन आज कंप्यूटर केवल गणना करने तक ही सीमित नही रह गए है।

आज के समय मे आप Computer पर बहुत तरह के काम कर सकते है। Computers ने Digital World में क्रांति ला दी है और यह Multitasking के साथ साथ High Performing भी होते है।

आज के समय मे अधिकतर काम इसी पर हो रहे है और हो सकता है कि आने वाले समय मे यह Paper पर होने वाले सभी कामों को Replace कर दे ।

कंप्यूटर की परिभाषा – Definition of Computer in Hindi

किसी भी बड़ी संख्या की Calculation करने के लिए जब हम किसी Machine का उपयोग करते है उसे Computer कहा जाता है जैसे कि Calculator भी एक तरह का Computer ही है जिसे केवल Calculations को Solve करने के लिए Design किया गया है।

Computer के कुछ मत्वपपूर्ण Parts होते है जैसे कि Input Device, Output Device, CPU, Memory और Storage Device । Input का काम Data को Computer में Enter करना होता है।

उसके बाद Data को Process करने का काम Processor का होता है फिर Data को Process करने के बाद जो Output आता है वह Display ( Monitor ) पर दिखाई देता है।

कंप्यूटर के प्रकार – Types of Computer in Hindi

कंप्यूटर के बहुत सारे प्रकार होतें  है जिसे एक साथ समझना मुश्किल होता है इसलिए इसे कई सारे Topics में वर्गीकृत किया गया है जिससे समझने में आसानी हो सके , आप नीचे सभी को विस्तार से पढ़ सकतें हैं –

1. Data Handling योग्यता के अनुसार – 

Analog Computer

Analog Computer उन कंप्यूटर को कहा जाता है जो कि डाटा को Numbers और Codes में Convert किए बिना ही Directly Accept करते हैं।

इन कंप्यूटर का इस्तेमाल ज्यादातर Speed, Temprature, Current इत्यादि जैसे कार्यों में Values को मापने के लिए किया जाता है।

Analog Computer का ज्यादातर इस्तेमाल उस Data को Process करने के लिए किया जाता है जो कि Continuously Change होता रहता है ।

Analog Computer के Examples Temprature, Pressure, Telephone Lines, Speedometer,Voltage इत्यादि हैं ।

Digital Computer

इन कंप्यूटर का इस्तेमाल High Speed और Complex Calculations करने के लिए किया जाता है । यह कंप्यूटर Digital के साथ-साथ Elentronic भी होते हैं. 

इन कंप्यूटर में बहुत ज्यादा Information को Store करके रखा जा सकता है और जब आपको उस Information की जरूरत हो, तब उसे बहुत आसानी से Retrieve भी किया जा सकता है ।

बाकी कंप्यूटर के मुकाबले इस कंप्यूटर की काम करने की रफ्तार भी बहुत तेज होती है । Digital कंप्यूटर के Examples Smartphones, IBM PC, the Apple Macintosh हैं ।

Hybrid Computer

Hybrid कंप्यूटर में Digital और Analog दोनों कंप्यूटर के Features होते हैं ।

इसमें Analog कंप्यूटर की तरह Complex Problems को Solve करने की Speed होती है और Digital कंप्यूटर की तरह Logical और Numberical Operations को Perform करने की क्षमता भी होती है ।

Hybird कंप्यूटर को इस तरह से ही Design किया गया है ताकि इनसे ज्यादा Complicated Equations को Solve किया जा सके ।

Hybrid कंप्यूटर के Examples Human Immunosupressive System, Chemical Reaction Kinetics और Food Processing Plants हैं ।

2. Size के आधार पर –

Super Computer

सुपर कंप्यूटर, Computers की बाकी Categories में सबसे ज्यादा Fastest और Expensive कंप्यूटर होते हैं जिनका इस्तेमाल Normally घर या Office में नहीं किया जाता है ।

यह कंप्यूटर इतने ज्यादा Powerful होते हैं कि यह अरबों Calculations को भी कुछ ही मिनटों में करने की क्षमता रखते हैं ।

इन कंप्यूटर का इस्तेमाल Weather Forecasting, Oil and Gas Exploration जैसे Fields में किया जाता है ।

इन कंप्यूटर का Size भी बहुत बड़ा होता है और ज्यादातर Scientific या Engineering Department में ही इस्तेमाल किए जाते हैं ।

Mainframe Computer

Mainframe कंप्यूटर की स्पीड भी बहुत High होती है और इनका इस्तेमाल बड़े-बड़े Businesses या Organizations में किया जाता है जहां पर बहुत सारे Users इसे एक ही समय पर इस्तेमाल कर सकते हैं ।

इस कंप्यूटर को इस तरह से Design किया गया है कि इससे एक ही समय पर हजारों लाखों Users इस्तेमाल कर सकते हैं ।

यह Multi-Programming कंप्यूटर होते हैं।  इन Computers को ज्यादातर Banking और Telecom Sector में इस्तेमाल किया जाता है, जहां पर बहुत सारे Employees काम करते हैं । सुपर कंप्यूटर की तरह इन कंप्यूटर की कीमत भी काफी ज्यादा होती है । 

सुपर कंप्यूटर और Mainframe कंप्यूटर में बस यही फर्क है कि सुपर कंप्यूटर का इस्तेमाल एक Single Program को बहुत Fast तरीके से करने के लिए किया जाता है, लेकिन Mainframe कंप्यूटर में Multi-Programs को किया जा सकता है ।

Mini Computer

Minicomputer एक Mid- Size के Multiprocessing कंप्यूटर होते हैं जिनमें दो और दो से ज्यादा Processors से होते हैं। 

इन कंप्यूटर का इस्तेमाल Accounting, Billing Departments, Scientific and Engineering Computations, File Handling और Database Management में किया जाता है ।

इन Departments में इन्हें 200 तक Users आराम से इस्तेमाल कर सकते हैं । यह Size में बहुत छोटे होते हैं जिस कारण उन्हें बहुत आसानी से एक जगह से दूसरी जगह Carry किया जा सकता है ।

इन Computers को Mid-1960s में Develop किया गया था और इनका Price भी दूसरे कंप्यूटर से कम होता है । इन कंप्यूटर की Speed Microcomputer से ज्यादा होती है पर एक Mainframe कंप्यूटर से कम होती है ।

Workstation

Workstation एक Special Type के कंप्यूटर होते हैं, जिन्हें खासतौर पर Technical और Scientific Applications के लिए Design किया गया है । इन Computers को एक Time पर सिर्फ एक ही User इस्तेमाल कर सकता है ।

और इसकी Speed भी बहुत High होती है. इन कंप्यूटर में High Resolution Graphics Screen और Large Amount of RAM होती है ।

एक Personal कंप्यूटर के मुकाबले Workstation में ज्यादा अच्छी Quality के Graphics, और ज्यादा Storage होती है. इस लिए इसे बहुत सारे Businesses में Use किया जाता है ।

Personal Computer

Personal Computer Multi- Purpose Computer होते हैं. जिनका Size और Price इस तरह से होता है कि इन्हें एक Individual के द्वारा इस्तेमाल किया जा सकता है 

इन Computers को ज्यादातर घर या Office में इस्तेमाल किया जाता है. और इनका Price भी बहुत कम होता है इसलिए हर कोई इसे आसानी से Afford कर सकता है.

इस कंप्यूटर को एक समय पर सिर्फ एक ही व्यक्ति इस्तेमाल कर सकता है. Personal Computer के Examples Desktop Computer, Laptops हैं, जिन्हें घर, Office, School और छोटे Business में इस्तेमाल किया जाता है.

Daily Uses के आधार पर –

➤ बेसिक कंप्यूटर – Basic Computer in Hindi

Basic Computers वो COMPUTERS होते है जिनका उपयोग हम अपने Daily Life में करते है। आप इनमें अपने Home PC, Laptop, Office PC को जोड़ सकते है।

इन Basic Computer के माध्यम से हम लोग अपने सभी जरूरत के कामों को पूरा कर सकते है।

यह Computer अधिक ज्यादा Heavy Work Load के लिए नही बने होते है लेकिन यदि आप उन मे Heavy Work जैसे कि Video Mixing, Editing, या Graphic Designing भी करते है |

आप इनमें आसानी से कर सकते है और यदि आपको कोई परेशानी आती है आपका Computer Load नही ले पाता है तो आप अपने Computer में Modifications भी कर सकते है और अपने जरूरत के अनुसार उसमे बदलाव करके इस्तेमाल कर सकते है।

➤ Cloud Computers

Cloud Computer एक तरह के Virtual Computers होते है जो कि लोगो के पास Virtually Available होते है और आप उनको छू नही सकते है परंतु इसमे आपको सभी चीज़े मिलती है जैसे Processor, RAM, Graphic Card, आदि।

➤ HTTP कंप्यूटर

HTTP एक Communication Protocol है जो कि Web Servers को Internet और Local Network से Connect करता है। यह Web और Servers के बीच मे मुख्य Connection बना कर Users के Browser में HTML Pages को Send करता है।

HTTP का Full Form Hypertext Transfer Protocol होता है।

यह web running software होते है जैसे कि Apache. अगर हम देखे तो यह Cloud Computer का हिस्सा है जो कि Web Data को Store करने और Data को Clients तक पहुँचाने का काम करते है। इस लिए इनको Web Server भी कहा जाता है।

Desktop Computer

Desktop Computer आज के समय मे सभी के घरों में देखने को मिल जाएगा।

यह Computers Daily इस्तेमाल के लिए बने होते है जिन पर आप अपने Online Work से Related Daily के कार्यो को कर सकते हैं। इसके साथ साथ आप Desktop पर Heavy काम भी कर सकता है।

जैसे कि HD Video Editing, High Graphic Gaming, Animation Work  लेकिन इनको Carry कर पाना और एक जगह से दूसरी जगह ले जाना बहुत मुश्किल होता है।

Laptop Computer

What is Laptop Computer kya hai Hindi

यह Computers Multitasking के लिए बने होते है और इनको कह़ी भी ले जाना बहुत आसान होता है।

यह Computers वजन में बहुत हल्के होते है और आप इनको Battery पर लगभग 6 से 8 घंटो तक कार्य कर सकते है लेकिन यह Gaming के लिहाज से सही नही होते है।

मतलब कि आप Laptop Computers में Games को अधिक समय तक नही खेल सकते है जैसे कि आप Desktop Computers में खेलते है। लेकिन आप इनपर Heavy Graphic कार्यो को कर सकते है। जैसे कि Editing, Graphic Designing, Animation etc ।

Tablet

What is Tablet kya hai Hindi

Tablet एक तरह का छोटा लेकिन Mobiles से ज्यादा बड़ा और Compact Computing Device होता है जिसमे आप अपनी Study से लेकर Notes और Office Works भी कर सकते है तथा आप चाहे तो इसमें Games भी खेल सकते है।

Cloud Computer 

Cloud Computer kya hai

Cloud Computers हमारे Regular Computers से अलग होते हैं जैसा कि आपको नाम से ही पता चल गया होगा कि इसको आप देख और छू नही सकते है लेकिन इसका इस्तेमाल कर सकते है।

Cloud Computer असल मे बड़े बड़े Servers होते है जिसमे Websites और Apps मौजूद होती है और आप जिनका इस्तेमाल Online कभी भी कर पाते है।

Cloud Computers में आपको Physical Computer की तरह सभी चीज़े Provide करवाई जाती है। जैसे Processor, RAM, Graphics Card, Storage.

मगर यह सभी चीज़े किसी एक जगह मौजूद होती है और आप इनको  इंटरनेट  के माध्यम से Access और Manage कर सकते है।

Super Computers

यह भी Cloud Computer जैसा ही होता है लेकिन इसको खाश मकसद के लिए बनाया गया होता है।

इन Computers की ख़ासियत यह होती है कि यह बड़े बड़े और मुश्किल Problems को कुछ ही Seconds में Solve कर देते है जो कि अगर कोई Simple Computer करे तो उसमें उसको सालो का समय लग जायेगा।

इस तरह के Computers का इस्तेमाल Medical Field में नई दवाइयों का बनने में किया जाता है।

Security में किया जाता है। Defense में किया जाता है। Research Programs में भी किया जाता है।

Smartphone

Smartphone kya hai

आज के समय मे जो आप Smart Phones को इस्तेमाल कर रहे है यह भी एक छोटे Computer जैसा ही है जिसमे की Processor, RAM, Storage, Internet जैसी चीज़े मौजूद होती है।

आप इन Smart Phones के जरिए अपने सभी काम को कर सकते है।

Smart Watches smartwatch kya hai यह भी एक तरह के Mini Computers ही है जिसमे की Computer के सभी Important Parts लगे होते है

और आप इन Smart Watches के जरिए सभी Basic Computer वाले काम को कर सकते है।

TV tv kya hota hai hindi

आज के समय में Smart TV आ गए है जिनको आप Computer की तरह भी इस्तेमाल कर सकते है। आप उन TV में Internet Use कर सकते है।

Games खेल सकते है और अपने Office Related कामों को भी कर सकते है।

कंप्यूटर की विशेषताएँ  क्या क्या है ?

  1. कंप्यूटर के जरिये आप किसी से भी बात कर सकते है।
  2. कंप्यूटर पर आप ऑनलाइन पढ़ाई भी कर सकते है।
  3. कंप्यूटर आप बड़े से बड़े Calculations को तुरंत Solve कर सकते है।
  4. कंप्यूटर में आप अपना Data जैसे कि Videos, Documents, Files को आसानी से Save करके रख सकते है और यह समय के साथ खराब भी नही होती है।
  5. कंप्यूटर के जरिए आप अपने Business को भी Remotely कहि से Handle कर सकते है।

 कंप्यूटर हार्डवेयर और  कंप्यूटर सॉफ्टवेर

कंप्यूटर को बनाने और उसको Operate करने के लिए उसमे मुख्य रूप से दो चीज़े जरूरी होती है। पहला है Hardware और दूसरा है Software.

इन दोनों के बिना कोई भी कंप्यूटर नही चल सकता है। HARDWARE और SOFTWARE दोनों कंप्यूटर के पूरक है तो चलिए जानते है Computer Hardware और Software के बारे में।

Hardware 

किसी भी कंप्यूटर के लिए सबसे जरूरी होता है उसका Hardware, Hardware वो चीज़े होती है जिनको हम देख और छू सकते है। जैसे कि Hard Disk, Dvd DRIVE, Motherboard, Speakers, RAM, Processor आदि.

इन्ही Hardware की मदद से Computer को बनाया जाता है। यदि Computer में इन जरूरी Hardware’s में से एक भी कम हो या खराब हो जाए तो आपका कंप्यूटर काम नही करेगा।

Software

Hardware के बाद सबसे जरूरी होता है कंप्यूटर का Software, जब आप किसी भी कंप्यूटर को Start करते है तो आपको एक Interface दिखाई देता है जिसे Windows कहते है जहाँ आप Web Browsing और अपने Data को Store करने का काम करते है।

Software का मुख्य काम होता है आपके Computer Hardware को Control करना और आपके Command के अनुसार उसे चलाना । Software के बिना आपके कंप्यूटर का Hardware कार्य नही करता है।

Software एक तरह का Program होता है जिसे Different Purposes के लिए बनाया जाता है। जैसे कि यदि आपको अपने कंप्यूटर में किसी प्रकार का Data Store करना चाहते है तो आप software की मदद से ही अपने Hard Disk में Data को Copy और Store कर पाते है।

कंप्यूटर के अन्य महत्पूर्ण भाग – Parts of Computer in Hindi

Motherboard 

Motherboard Computer के सबसे जरूरी अंगों में से एक है जो कि Computer के सभी चीज़ों को जोड़ता है और उनको काम करने लायक बनाता है।

Motherboard के साथ ही सभी तरह के Connectors जुड़ते ही जैसे कि USB, Speakers, Processor, Ram, Power Supply unit, Cables etc.

इसके बिना आप Computer को इस्तेमाल भी नही कर सकते है।

Mouse

Mouse के द्वारा हम Computer में किसी भी Option को Select कर सकते हैं और Mouse से आप Keyboard के मुकाबले तेज़ी से काम कर सकते है। Mouse Computer को इस्तेमाल करने के लिए सबसे ज़रूरतमंद समान है।

इसके बिना आपको Computer Operate करने में काफी परेशानी होगी तथा आप सही से Computer को इस्तेमाल भी नही कर पाएंगे।

Computer Mouse एक Input Device होता है जो User के निर्देशों को कंप्यूटर में Input करता है जिसके अनुसार Computer काम करता है ।

Mouse को हम एक प्रकार से Selector भी बोल सकतें हैं जिसके द्वारा Select से लेकर कइयों ऐसे काम किये जातें हैं जैसे किसी भी Folder या File को Open करना, Drag करना Copy / Move करना इत्यादि ।

Keyboard की तरह Mouse भी Computer का एक अभिन्न अंग है जिसका Use, Computer के Use Time में लगभग 95% Tasks में किया जाता है । कंप्यूटर युग मे Mouse का बहुत बड़ा योगदान है क्योंकि इसने Computer के Work को बहुत ही ज्यादा आसान बना दिया है ।

अलग अलग Task के हिसाब से Mouse के भी कई प्रकार होतें हैं ।

कोई भी User अगर Computer चलाना या कंप्यूटर के बारे में सारी चीजें सीखना चाहता है तो उन्हें यह जरूर सीखना और जानना चाहिए कि Mouse क्या है ?

तो हम एक बात तो यकीन के साथ कह सकतें हैं कि Mouse ने वास्तव में Computer के इस्तेमाल को बहुत ज्यादा आसान बना दिया है और भविष्य में हमे कई प्रकार के Mouse भी देखने को मिल सकतें हैं ।

Mouse में वैसे तो कई Buttons होतें हैं लेकिन ज्यादातर 3 Button का Use होता है ।

  1. Left Button
  2. Right Button
  3. Scrolling Button 

⑴  Left Button – इनमे से सबसे ज्यादा से Left Button का Use होता है जिसका सबसे ज्यादा Use किसी भी Task को Open या Close करने के लिए किया जाता है ।

⑵ Right Button – इसका उपयोग किसी भी Task के Options को देखने मे होता है फिर उस Options के अनुसार आगे Task Perform किये जातें हैं ।

⑶ Scrolling Button – Scrolling Button का Use Task Page को ऊपर से नीचे या Left to Right या Right to Left Scroll करने में किया जाता है जो कि बहुत ज्यादा Useful होता है ।

Keyboard

Keyboard भी Computer को इस्तेमाल करने के लिए सबसे जरूरी चीज है।

आप Keyboard के बिना किसी भी चीज़ को Computer में Type नही कर सकते है। Keyboard हमे अपने अनुसार किसी भी शब्द को Computer में Type करने की आज़ादी देता है।

आपने जब भी कंप्यूटर का नाम सुना होगा तो उसके साथ Keyboard शब्द को भी जरूर सुना होगा । तो हम आपको बता दें कि Keyboard एक ऐसा Device है जिसके बिना आप 75% Computer Related कामों को नही कर पाएंगे ।

Keyboard से ही आप Data को Computer में Input कर पातें हैं और इसी वजह से Keyboard को Input Device कहा जाता है । लगभग सारे कंप्यूटर संबंधित काम मे Keyboard का उपयोग होता ही है ।

आजकल जो लोग कंप्यूटर के बारे में सीखना चाहतें हैं उनके मन मे यह ख्याल जरूर आता है कि Keyboard क्या है पूरी जानकारी ?

तो Keyboard एक Input Device है जिसके द्वारा Data को Computer CPU में Input किया जाता है और यह बहुत ही महत्वपूर्ण Input Device है ।

Keyboard के बिना कंप्यूटर चलाना लगभग नामुमकिन ही है |

कंप्यूटर चलाने के लिए Keyboard का होना अतिमहत्वपूर्ण है चाहे आप Physical keyboard का इस्तेमाल करो या फिर Virtual keyboard का |

Power Supply Unit 

Power Supply Unit Computer को सही मात्रा में Power Supply करता है और Computer को Electric Damage से बचाता है।

Processor

Processor को Computer का Brain भी कह सकते है क्योंकि ये ही वो चीज़ है जो कि Computer को चलने और सभी तरह की Calculations को हल करने में मदद करती है।

इसके बिना आप Computer में किसी भी तरह के काम को नही कर सकते है।

आप Processor को हर छोटे Electronic Device में देख सकते है जिनका इस्तेमाल Calculations को Solve करने के लिए किया गया होता है।

Spikers

Spikers का इस्तेमाल हम Music को सुनने के लिए या फिर Movies देखते वक़्त ही अधिकतर करते है

लेकिन आज के समय मे जैसे  कि सभी Office Related Meetings और Online Education होता जा रहा है तो ऐसे में Speakers का भी अधिक इस्तेमाल और जरूरत बढ़ने लगी है।

Monitor

Monitor Computer का एक ऐसा Part है जिसके बिना हम Computer को Operate नही कर सकते है या हम Computer में हो रही चीज़ों को नही देख सकते हैं।

Monitor के द्वारा ही हम Computer functions को Visually देख पाते है।

यदि Computer में Monitor न हो तो आप न किसी चीज़ को देख पाएंगे और न सही से कोई काम या उसको Instructions दे पाएंगे।

DVD Drive

DVD Drive आज के समय मे इतना important नही रह गया है।

आज के समय मे Data को Store करने या उसे Carry करने के लिए हम अधिकतर Cloud storage या फिर Usb Drives का इस्तेमाल करने लगे है लेकिन DVD DRIVE  के कुछ अपने फायदे है।

जैसे कि यदि आप के पास कुछ ऐसा Data है जिसको आप चाहते है कि कोई Delete न कर पाए, ऐसे में आप Data Dvd Drive के जरिए Write करके रख सकते हैऔर उसे कभी भी इस्तेमाल भी कर सकते है।

Hard Disk 

Hard DISC DRIVE Computer के Important Parts में से एक है जो कि Computer में सभी प्रकार के Data को Store करने के काम आता है।

आज के समय मे Hard Disc की जगह SSD ने ले ली है जो कि Hard Disc से कई गुना Fast है और यह लंबे समय तक भी चलती है।

इसके साथ साथ यह Power भी कम Consume करती है।

RAM

दोस्तों, अगर आप नहीं  जानतें कि RAM  क्या है तो हम आपको बता दें कि हम RAM कंप्यूटर का Short Term Memory को Store करता है। RAM का Full Form “Random Access Memory” होता है।

इसमे Data केवल कुछ ही समय के लिए Store होता है और जैसे ही Computer को आप Restart या फिर Off करते है तो यह Data खुद ही Delete हो जाता है।

लेकिन Computer को कार्य करते रहने के लिए यह सबसे जरूरी Part है तथा आपके Computer Fast काम करे उसके लिए आपको हमेशा अधिक Memory Capacity वाला ही RAM इस्तेमाल करना चाहिए।

Graphic Card 

Graphic Card का काम मुख रूप से Graphics को Process करना होता है। Computer में जो भी आप Visually Image या Video देखते है वह सब Graphic Card की मदद से ही संभव हो पाता है।

यदि किसी Computer में Graphic Card मौजूद न हो तो आपको सभी चीज़े केवल Numeric Form में ही नज़र आएगी जो कि आप बिलकुल भी नही समझ पाएंगे।

Computer Operating System ( Hindi Explanation )

Computer Operating System  वह Program Software होता है जिसके द्वारा पूरे कंप्यूटर का संचालन होता है और जो कंप्यूटर के सारे Operation को Manage करता है और इसलिए इसे हिन्दी में प्रचालन तंत्र” कहतें हैं |

कंप्यूटर में जितना भी Operation होता है उसके ON करने से लेकर Shut Down करने तक सारा Operation, Operating System ही Manage करता है ।

आप चाहे कोई भी Digital Device उपयोग कर ले उसमें से लगभग 90% Device में Operating System का उपयोग होता है चाहे वह Mobile हो Computer हो अन्य कोई Digital Device जो भी व्यक्ति Computer को सीखता है उसे यह जरुर जानना और सीखना होता है कि Operating System क्या है ?

कंप्यूटर की दुनिया में सबसे पहला Operating System, DOS हुआ करता था जिसमें सारा काम Coding Line से किया जाता था लेकिन जैसे ही बिल गेट्स जी ने Windows Operating System Launch किया उसके बाद तो Operating System का स्वरूप ही बदल गया ।

Windows Operating System ने पूरे Computer World को हिलाकर रख दिया था और उसी Operating System ने बिल गेट्स को दुनिया का नंबर 1 अमीर बनाकर रख दिया था । इसके अलावा और भी बहुत सारे Operating System है जैसे Apple का MAC, Linux,  Android और Ubuntu |

आज दुनिया में लगभग 80% मोबाइल में Android Operating System का उपयोग होता है और इसीलिए उसे Android कहा जाता है जो कि एक Operating System है तो वहीं Apple के फोन IPhone में iOS Operating System का उपयोग किया जाता है ।

बिना Operating System के आप Computer तो क्या Mobile, ON भी नहीं होगा । Operating System ही यह सारा Operation Manage करता है । Digital Device का एक-एक काम Operating System के कारण ही Possible हो पाता है ।

कंप्यूटर का आविष्कार

कंप्यूटर का आविष्कारक Charles Babbage को कहा जाता है।

computer ka aaviskaar kisne kiya - Charles Babbage
Charles Babbage

इन्होंने सन 1837 में ही सबसे पहले Mechanical Computer को बनाया था जिसको उस समय Analytics Engine के नाम से जाना जाता था और इसमें Punch Card के द्वारा Data को डाला जाता था।

इसमे ALU, Basic Flow Control तथा Integrated Memory का Concept लागू किया गया था।

इसी Nodel से Design के आधार पर आज के सभी Computers को Design किया गया है और इसी योगदान के कारण उनको आज Computer का जनक कहा जाता है।

कंप्यूटर कैसे बना ?

हम यह कह सकते है कि पहला Computer एबेकस या उसके वंसज ने बनाया था जो कि 1622 में Slide Rule विलियम ओघटरेड द्वारा बनाया गया था लेकिन जो आज के आधुनिक कंप्यूटर्स है वह सभी Analytic Engine के ऊपर Based है।

इसकी कल्पना British Mathematician Charles Babbage ने की थी और यह 1833 में Design किया गया था लेकिन इससे पहले Computer एक व्यक्ति हुआ करता था जो कि सभी तरह की गणनाएं करता था और उनको Books में Store किया जाता था।

उस समय तक Table केवल किताबों में ही दिखाई दिया करते थे।

Analytic Engine का आविष्कार होने के बाद इसमे लगातार सुधार होते गए और आगे चलकर Computers में Silicon Chips का इस्तेमाल होने लगा जिसने Computer की Processing Power को काफी हद तक बढ़ा दिया।

कंप्यूटर का इतिहास – History of Computer in Hindi

Computer को बनाने की शुरआत कैसे हुई इसके बारे में तो किसी को सही सही नही पता है लेकिन Computer को बनाने के पीछे का मकसद था कि बड़े से बड़े Calculations को जल्दी और सही तरीके से Solve किया जा सके।

लेकिन Computer के जगत में, शुरुआती समय मे कुछ ऐसे आविष्कार हुए कि जिसने Computer की सकल ही बदल दी और आज आप Computer को अपने साथ लेकर घूम पा रहे है।

और जो सबसे पहला Computer बना था वो लगभग 1 बड़े कमरे के Size का था और उसको चलाने के लिए अधिक ऊर्जा और Manpower लगती थी तो चलिए Computer Generations के बारे में जान लेते है कि कैसे Computers की दुनिया मे बदलाव आया और उसका हम पर क्या प्रभाव पड़ा –

1.  First Generation Computer (1940 – 1956 )

Computer की First Generation को 1940 से 1956 के बीच के समय में बनाया गया था। इस Computer में Vacuum Tubes को Circuity और Magnetic Drum को Memory के लिए इस्तेमाल किया जाता था।

इसमे लगभग 18000 Vacuum Tubes लगे थे और यह बहुत ज्यादा Space को घेरता था तथा इसको इस्तेमाल करने के लिए भी काफी Power की जरूरत पड़ती थी।

यह Computer बड़ा होने के कारण Heat भी अधिक Produce करता था जो कि बहुत बड़ी समस्या थी और इसमे UNIAC और ENIAC Machine Language का इस्तेमाल होता था।

2. Computer की दूसरी Generation ( 1956 – 1963 )

कंप्यूटर की दूसरी Generation 1956 से 1963 के बीच मे आयी थी जिसकी वजह से Computer के क्षेत्र बहुत बड़ा बदलाव आया था।

Second Generations के Computer में Vacuum Tubes को Transistors के साथ Replace कर दिया गया।

यह बहुत छोटे होने के साथ साथ कम Space भी घेरते थे और  यह कम Energy भी Consume करते थे तथा Fast भी थे परन्तु Heat की समस्या अभी भी बनी हुई थी लेकिन यह पहले Generation Computers के मुकाबले कम गर्मी छोड़ते थे।

3. Computer की Third Generation  ( 1964 – 1971 )

Computer की तीसरी Generation 1964 से 1971 में बीच मे आयी थी। इसमे Integrated Circuits का इस्तेमाल किया गया था।

इसमे छोटे Transistors को Silicon Chip में डाला गया था जिसे Sami Conductor कहा जाता था।

इससे बहुत बड़ा फायदा यह हुआ था कि Computer की Processing Speed की क्षमता काफी बढ़ गयी थी।

Third Generation की Computer को पहली बार Market में लोगो के लिए Launch किया गया था और इसमे Monitor और Keyboard तथा Operating System का इस्तेमाल किया गया था जो कि काफी User Friendly था।

4. Computer की Fourth Generation ( 1971 – 1985 )

Computer की चौथी Generation 1971 से 1985 में Microprocessors का इस्तेमाल किया गया था।

इसको इस तरह से Design किया गया था कि इसमें हजारो Integrated Circuit को एक Silicon Chip में Embedded किया गया जिससे कि Computer का आकार को छोटा करने में काफी मदद मिली और Computer की Processing क्षमता भी पहले से बहुत तेज़ हो गयी।

5. Computer की Fifth Generation ( अब तक )

1985 के बाद Computer की Fifth Generation की शुरुआत हुई जो कि अभी तक जारी है। इसमें Artificial Intelligence को बनाया जा रहा है।

यह इतना शक्तिशाली है कि जब यह पूरी तरह से Develop हो जाएगा तो इसमें इतनी क्षमता होगी कि यह खुद सोच विचार और Decisions ले सकेगा।

भारत मे निर्मित कंप्यूटर

भारत मे सबसे पहले कंप्यूटर Tata Institute of Fundamental Research Automatic Calculator ने 1950 में बनाया था तथा इस कंप्यूटर को 1965 में पूरी तरह से इस्तेमाल किया जाने लगा था।

इस Computer को बनने में 2700 Vacuum Tubes, 1700 Germanium Diodes, 12500 Resistors लगे थे।

इसकी Word Memory की क्षमता 2,048 40-bit थी।

क्या हम भी कंप्यूटर बना सकते है ?

जी हाँ, Computer को कोई भी बना सकता है लेकिन उसके लिए आपके पास पूरी जानकारी होनी जरूरी है क्योंकि Computer में ऐसे बहुत से Sensitive Parts होते है जो कि गलत तरीके से Joint करने पर खराब हो सकते है।

आज के समय मे Computer Manufacturing के क्षेत्र में Competition बहुत बढ़ गया है इसकी वजह है इसकी बढ़ती हुई Demand.

अगर आप खुद के Computers को बनाकर बेचना चाहते है तो उसके लिए सबसे पहले कुछ लोग रखने होंगे जिनको Computer के बारे में और उसकी Manufacturing के बारे में अच्छा ज्ञान और Experience हो।

उसके बाद आपको अपनी Company में और से बहुत तरह के काम करने वाले Workers को रखना होगा ताकि आप Computers की Productions निकाल सके।

सबसे बड़ी चीज कि आपको एक Research & Development Team भी बनानी होगी जोकि नए नए Technologies की खोज करती है नही तो आप अपने Competitors से पीछे हो जायेगे।

दैनिक जीवन मे कंप्यूटर

दैनिक जीवन मे आज के समय मे Computer का इस्तेमाल बहुत बढ़ गया है।

आज के समय मे अधिकतर Businesses Online हो गयी है जिसके लिए कंप्यूटर की आवश्यकता पड़ती है तो चलिए जानते है कि ऐसी कौन कौन सी मुख्य Businesses जिनको Manage करने के लिए कंप्यूटर की आवश्यकता पड़ती है।

1. Online Store 

आज के समय मे Online Shopping का चलन काफी बढ़ गया है और लोगो को भी Market जाकर किसी समान को खरीदने की वजाए Online लेना ही ज्यादा पसंद है जिसको Manage करने के लिए कंप्यूटर की जरूरत होती है

ताकि आपके ग्राहकों ने जो भी आपके Online Store पर Order Place किया हो उसे आप समय पर Deliver कर सके।

2. Grocery Shop 

आज के समय मे बहुत से Online Grocery Shops खुल गए है जैसे कि Grofers, Zomato, Jiomart

जैसे कई Online Grocery Platforms Launch हो चुके है जिनके द्वारा आप घर बैठे केवल अपने Mobile या कंप्यूटर के मदद से सब्ज़ियाँ या घर का राशन Order कर सकते है और घर पर अपने सामान की Home Delivery पा सकते है।

3. Social media

आज के बदलते समय मे बहुत से लोग Social Media का उपयोग करने लगे है जिसको इस्तेमाल करने के लिए कंप्यूटर या मोबाइल की आवश्यकता पड़ती है।

Social Media को इस्तेमाल करने के कई फायदे भी होते है जैसे कि किसी भी तरह की News आपको तुरंत मालूम हो जाती है और आप अपने Friends के साथ भी जुड़े रह सकते है।

वही Facebook और Instagram जैसे Social Media ने कई पुराने दोस्तों को मिलाने का भी काम किया है।

4. Online Business 

आज के समय मे अधिकतर Businesses को Online ही Operate किया जा रहा है जिसके लिए Computer बहुत जरूरी है।

आज के समय मे बहुत से दुकानदार अपने सामान को Amazon और Flipkart जैसी Websites के माध्यम से Sell कर रहे है जो कि केवल Computer कि मदद से ही Manage किया जाता है।

इसके साथ साथ Office Meetings को भी Online ही किया जा रहा है।

5. Education

Education के क्षेत्र में भी Computer की भूमिका बढ़ती जा रही है।

आज के समय मे बच्चे  Online Study  करना अधिक पसंद कर रहे है तथा Institutes भी Online ही Education Provide करवा रही है।

कंप्यूटर के लाभ – Advantages of Computer in Hindi

हम Computer में किसी भी तरह के Data को कितना भी Store कर सकते है। Paper के मुकाबले Computer में Data आसानी से खराब नही होता है जब तक कि उसे नष्ट न किया जाए।

यदि आपका Data Cloud Computers में Store है तो आप उस Data को या Files को कहि से भी Internet की मदद से Access कर सकते है।

Computer हमारे बहुत से काम को आसान बना देता है। जैसे कि Ticket Booking करना हो या फिर Food के लिए Online Order करना हो।

Computer की वजह से सरकार ने Corruption करने वाले लोगो पर लगाम लगाया है। Computer पर आप एक समय मे कई कामो को निपटा सकते है।

यह Multitasking Role के लिए Perfect Device है। आज के समय मे Computers इतने सक्षम हो गए है कि अधिकतर आपके कामो को Computer खुद ही आपके Schedule के अनुसार कर देता है।

कंप्यूटर की हानि – Disadvantages of Computer in Hindi

आज के समय मे लोगो के साथ काफी Fraud होने लगे है और कई बार कुछ लोग चालाकी से उनके Bank Details को जान कर उनका पैसा चुरा लेते है।

Hackers की संख्या भी बढ़ी है जिसकी वजह से कई बार बड़ी बड़ी Companies का Data भी चोरी हो जाता है। Cyber Crime में काफी बढतोरी हुई है।

एक और बहुत से लोगो के लिए Job की नई Opportunities बानी है तो दूसरी और बहुत से लोगो की Job भी इसकी वजह से गयी है।

बच्चे अधिकतर Computer पर Games ही खेलते रहते है और पढ़ाई पर कम ध्यान देते है।

कंप्यूटर चलाना कैसे सीखें – How to Learn Computer in Hindi

Computer को चलाना सीखना कोई Rocket Science नही हैं बल्कि यह बहुत ही आसान है। यदि आप Mobile Phone को इस्तेमाल करना जानते है तो आप Computer को भी कुछ ही समय मे पूर्ण रूप से इस्तेमाल करना सीख जायेंगे।

सबसे पहले आपको Computer को On तथा Off करना आना चाहिए जो कि बहुत जरूरी Part होता है।

हालांकि Computer को On करना किसी के लिए भी आसान है लेकिन Computer को Off करना एक नए व्यक्ति को नही पता होता है और आप Direct Computer को Off नही कर सकते क्योंकि ऐसा करने से आपका Computer खराब भी हो सकता है।

इसलिए कंप्यूटर को सही रूप से बंद करने के लिए उसमे Shutdown का Option दिया गया होता है जो कि आप Alt+F4 को दबाकर कर सकते है।

इसके साथ साथ आपको बेसिक कंप्यूटर कोर्स में MS OFFICE और DATA को STORE, TRANSFER और Web Suffering सिखाया जाता है।

कंप्यूटर सीखने से सम्बंधित पूरी जानकारी विस्तार से जानने के लिए यह पोस्ट पढ़ सकतें हैं – कंप्यूटर कैसे सीखें ?

कंप्यूटर से संबंधित सरकारी योजनाएँ 

कंप्यूटर के क्षेत्र में Govt. ने अपनी कई Scheme भी Launch की है जिसके जरिए अब बच्चे Training ले पाएंगे और अपनी Skill को Develop कर पाएंगे।

इस योजना का नाम प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना है जिसके तहत युवाओं के Skills को निखारा जायेगा ताकि उन लोगो को एक बेहतर भविष्य मिल सके।

इसके लिए लगभग सभी गाँव और शहरों में Skill Development केंद्र बनाए गए है  जो कि सभी के लिए बिल्कुल Free है और कोई भी व्यक्ति अपना Admission ले सकता है तथा जब आपकी Training पूरी हो जाती है तो आपको एक Certificate भी दिया जाता है।

केवल यह ही नही बल्कि जो छात्र Engineering की पढ़ाई कर रहे होते है जैसे कि IT, Computer Science उनको भी राज्यो के सरकारों द्वारा मदद दी जाती है तथा उनकी पढ़ाई का पूरा खर्च सरकार उठाती है।

List of Computer Courses

आज के समय में बहुत प्रकार के Computer Courses Available है जिनको सीखकर आप काफी अच्छा Carrier बना सकते है।

1. Basic Computer Course

Basic Computer Course में आपको Computer को कैसे Operate किया जाता है के बारे में सिखाया जाता है।

इसके साथ साथ आपको MS. Office के बारे में भी पढ़ाया और Practical करवाया जाता है जो कि किसी भी Computer Basic Course में मुख्य Subject होता है।

इसके साथ साथ आपको Computer की Functionality के बारे मे भी बताया जाता है। ताकि जब आप नए हो तब अपने System के साथ कोई गलत छेड़ छाड़ न कर बैठे जिसकी वजह से आपको नुकसान हो।

2. Designing Course 

आज के समय मे Graphic Designer की बहुत मांग बढ़ गयी है और यदि आप Designing जानते है जैसे कि Poster Design करना, Logo बनाना, Products Ads Design करना तो आप इस Field में अच्छी नौकरी पा सकते है।

3. Editing Course 

अगर आप Video Editing Course को करते है तो आप इस Field में अपना अच्छा Career बना सकते है। आज के समय में Video Streaming Platforms बहुत Popular हो रही है।

अक्सर Content Creators एक अच्छे Videos Editors की तलाश करते है। ऐसे में आप Video Editing का Course करके अच्छी नौकरी प्राप्त कर सकते है।

4. Accounting Course

आज के समय मे Accounting से Related काम भी Computer पर ही होते है।

ऐसे में यदि आप Tally जैसे Accounting Software को इस्तेमाल करना सीख लेते है तो आप Finance के Field में भी अपना Career बना सकते है।

5. Programming Course  अगर आप किसी प्रकार का Software Developer बनना चाहते है या फिर आप Software Engineering में अपना Career बनाना चाहते है तो Programming Courses को Join कर सकते है। इसमे आपको बहुत से प्रकार की Career Opportunities भी मिलेगी।

6. Data analyst 

अगर आप Data Analyst में अपना Career बनाना चाहते है तो आप Data Analyst का Course Join कर सकते हैं।

इसमे आपको हर प्रकार के Data को Analysis करना और उसको Program बनाना सिखाया जाता है तथा इसमे आपको बहुत से प्रकार की Career Opportunities मिलेगी और आप इस Field में आगे चलकर अच्छा Career भी सकते है।

7. BCA/MCA

यदि आप Computer के क्षेत्र में कुछ करना चाहते है तो आप BCA/MCA Subject को चुन सकते है।

इसमें कंप्यूटर से Related पढ़ाई ही करवाई जाती है तथा आपको Computer Programming Language के बारे में ज्ञान दिया जाता है।

8. Network engineering

Network Engineering भी कंप्यूटर से जुड़ा हुआ Field ही है।

इसमें आपको Computer Networking के बारे में पढ़ाया जाता है जितने भी Computer आपस मे Web के जरिए जुड़े होते है उसमें Networking Engineering का ही अहम Role रहता है।

आप इस क्षेत्र में अपना अच्छा Career बना सकते है।

9. Cyber Security 

Cyber Security Course अगर आप करना चाहते है तो इसमें आपका उज्ज्वल भविष्य हो सकता है |

आज के समय मे Cyber Security Employees की Demand बहुत बढ़ गयी है क्योंकि आय दिन Tech Companies और IT  Companies पर Cyber attack होते ही रहते है।

Companies अपनी जानकारी की सुरक्षा के लिए Cyber Security Expert को Hire करती है।

10. Digital marketing

आज के समय मे Digital Marketing Course भी बहुत Popular है और इसकी Demand भी IT क्षेत्र में बढ़ती जा रही है।

इसमें आपको Online Marketing से Related जानकारी दी जाती है।

11. CSE

यह Computer Engineering का Course है जिसमे बच्चों को Computer Programming और Computer Engineering के बारे में पढ़ाया जाता है।

कंप्यूटर कैसे काम करता है ?

Computer मुख्य रूप से तीन Steps में काम करती है जो कि Input, Process, Output होता है।

1. Input  जब हम किसी प्रकार के Data को Keyboard या Mouse के जरिए Computer में Input करते है और कुछ कार्य को करने लिए Instruction देते है तो उसे Input कहा जाता है।

2. Processing  इस Step में पूरा काम Computer का होता है। इसमे जो भी आपने Computer में Data Enter किया है उसको Processor के द्वारा Process किया जाता है।

3. Output – Input के दौरान जो भी Data Enter और Process होता है वह Data हमे Output में मिलता है और Display पर Show करता है।

बिल गेट्स का कंप्यूटर में योगदान

Bill GATES ने Computer के क्षेत्र में अपना बहुत बड़ा योगदान दिया है। आज हम अपने कंप्यूटर में जो OS इस्तेमाल कर पा रहे है वो Microsoft का Windows ही है जिसे की Bill Gates ने ही बनाया है।

बिल गेट्स ने Computer इस्तेमाल को पूरी तरह से बदल रख दिया है।

सबसे पहलाOperating System 1985 में Dos था। इसके बाद 1995 में Windows 95 को Launch किया गया जो कि इंटरनेट को भी Support करता था।

इसके बाद 2001 में Windows xp को Microsoft ने लांच किया, जिसमे की आप बहुत से तरह के काम को कर सकते थे। इसमे आप Multimedia देख सकते थे, Games खेल सकते थे, Internet इस्तेमाल कर सकते थे।

इसके बाद WINDOWS 7 को Launch किया गया, जिसमें की काफी कमियों को दूर किया गया और इसे और भी User Friendly बनाया गया।

और फिर WINDOWS 8 को लांच किया गया, इसमे इन्होंने Computer के Basic Drivers को भी Include कर दिया ताकि Computer में WINDOW डालने के बाद Drivers को अलग से Install न करना पड़े।

और अब Microsoft के द्वारा Windows 10 को Release किया गया है। जो कि सबसे ज्यादा इस्तेमाल किये जाने वाला Operating System बन गया है।

BILL GATES ने Computer के इस्तेमाल को बिल्कुल आसान बना दिया है जिसे कोई भी व्यक्ति कुछ ही दिनों में इसका उपयोग करना सीख सकता है

लेकिन जब Windows का आविष्कार नही हुआ तब Computer को इस्तेमाल करने के लिए Codes को Type करना पड़ता था। जो कि सभी के लिए याद रखना आसान नही था।

लेकिन WINDOWS के User Friendly Design ने सभी के लिए Computer को इस्तेमाल करना आसान बना दिया जो कि BILL GATES की वजह से ही संभव हो पाया है।

कंप्यूटर के क्षेत्र में अन्य उप्लब्धधिया क्या क्या है ?

आज के समय मे Super Computers के द्वारा किसी भी तरह के COMPLEX Calculation या अन्य कामों को कुछ ही समय मे पूरा किया जा सकता है।

आज हम AI (Artificial intelligence) के ऊपर काम कर रहे है जो कि सोचने की शक्ति रखता है।

Quantum Computers पर Research चल रही है और जल्द ही उसे पूरा कर लिया जाएगा जिससे कि Computers और भी शक्तिशाली और अधिक तेजी से काम कर सकेंगे

Computer FAQ – अतिमहत्वपूर्ण 13+ सवालों के जवाब

विश्व का सबसे पहला कंप्यूटर कब बना ?

विश्व का सबसे पहला कंप्यूटर , सन 1822 में Charles Babbage ने बनाया था और उस Computer को Differential Engine कहते थे फिर आगे चलकर Charles Babbage ने एक और कंप्यूटर बनाया जो कि एक Analytical Engine था और जो बहुत काम की चीज़ साबित हुई थी |

कंप्यूटर की उत्पत्ति कैसे हुई ?

कंप्यूटर का आविष्कार आज से लगभग 2000 साल पहले हुआ था जो कि अबेकस के रूप में हुआ था और जो कि एक लकड़ी का Rack होता था जिसमे दो तार लगे होते थे और तार के ऊपर एक माणिक लगा होता है जिसको घुमाकर किसी भी आसान गणित प्रश्नों को हल किया जाता है।

इसके बाद आगे चलकर 18वी सदी में Analytical Engine का आविष्कार हुआ जिसके बाद 1940 से 1956 में कंप्यूटर की पहली पीढ़ी आयी जिसमे की Vacuum Tubes का इस्तेमाल किया गया।

कंप्यूटर की तीसरी पीढ़ी 1964 से 1971 की थी जिसमे कि Integrated Circuits का इस्तेमाल हुआ।

कंप्यूटर की चौथी पीढ़ी 1956 से 1963 तक थी जिसमे की Transistors का उपयोग किया गया। कंप्यूटर की तीसरी पीढ़ी में जो कि 1971से 1985 का था जिसमे Micro Processor को Introduce किया गया।

इसके बाद कंप्यूटर की पांचवी पीढ़ी 1985 से शुरू हुआ जो कि आज तक चल रहा है जिसमे AI ( Artificial Intelligence) को Develop किया जा रहा है।

वैक्यूम ट्यूब का आविष्कार कब हुआ ?

वैक्यूम ट्यूब का आविष्कार 1904 में ब्रिटिश इंजीनियर John Ambrose Fleming ने किया था जिसका नाम Thermionic Valve था ।

प्रथम कंप्यूटर कौन सा था ?

विश्व का पहला Computer Differential Engine था जो कि 1822 में Charles Babbage ने बनाया था।

दुनिया का सबसे पहला कंप्यूटर कौन सा था ?

दुनिया का सबसे पहला कंप्यूटर Differential Engine को माना जाता है।

भारत का पहला कंप्यूटर कब बना ?

भारत का पहला कंप्यूटर 1950 में बनाया गया था जिसका नाम TIFRAC था।

भारत का पहला सुपर कंप्यूटर कब बना ?

भारत का सबसे पहला सुपर कंप्यूटर जुलाई 1991 में बनकर काम करने के लिए तैयार हुआ था तथा इसका नाम परम 8000 रखा गया था।

पप्रथम इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर कब बना ?

पहला इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर जो कि जनरल Purpose के लिए जो कि पूरी तरह Programmable और बड़े से बड़े Calculation को Solve कर सकता था उसे सन 1944 में ENIAC नाम दिया गया था |

कंप्यूटर का पुराना नाम क्या था ?

कंप्यूटर के पुराना नाम ENIAC (Electrical Numerical Integrator and Computer) था।

कंप्यूटर का गणक उपकरण के रूप में उद्धव सर्वप्रथम कहाँ हुआ ?

कंप्यूटर गणक उपकरण के रूप में उद्धव सर्वप्रथाम चीन में हुआ था जो कि एक Calculation Machine थी।

कंप्यूटर का इतिहास कितना पुराना है ?

कंप्यूटर का इतिहास अगर देखा जाए तो लगभग 3000 साल पुराना है जब China ने एक पहले Calculation Machine को बनाया जिसका नाम abacus है जो कि आज में चीन और जापान और Asia के अन्य देशों में Calculation करने के काम आती है।

भारत मे निर्मित पहला कंप्यूटर कौन सा है ?

TIFRAC जो कि TATA INSTITUTE OF FUNDAMENTAL Research ने बनाया था जो कि 1950 में Pilot Machine बानी थी तथा 1956 में Operation में इस्तेमाल होने लगी थी।

आई बी एम का पहला कंप्यूटर कौन सा था ?

आई बी एम का पहला पर्सनल कंप्यूटर IBM 5150 था जो कि 1981 में Introduce किया गया था।

आधुनिक कंप्यूटर की खोज सर्वप्रथाम कब हुई ?

आधुनिक कंप्यूटर की खोज 1946 Charles Babbage ने किया था जो कि सबसे पहले उन्होंने Programmable कंप्यूटर का Design तैयार किया था।

Conclusion – आज हमने क्या सीखा ?

इस पोस्ट में हमने Computer के बारे में जाना कि कंप्यूटर क्या है (What is a Computer in Hindi ) और कब कैसे बना ?  कंप्यूटर की Generation कौन  कौन सी थी, कंप्यूटर का आविष्कार कैसे हुआ और कंप्यूटर आज के समय मे कैसे सबकी जरूरत बन गया है?

आज के समय मे देखा जाए तो कंप्यूटर एक बहुत बड़ी जरूरत बन गया है।

आज लगभग सभी काम Online होने लगे है जैसे कि Banking के काम, Online Booking, Online Food Orders, ऑनलाइन पढ़ाई  जिसमे की कंप्यूटर की अहम भूमिका हो गयी है।

यहाँ तक कि Shopping भी लोग आज के समय मे Online ही करने लगे है लेकिन इसके कई नुकसान भी हुए है, लोगो के साथ Fraud के मामले भी बहुत बढ़ गए है और Data की चोरी तो आम सी बात हो गयी।

अक्सर सुनने को मिलता की किसी Company का Data चोरी हो गया है जिसका नुकसान Company को उठाना पड़ता है। इसलिए Computer को इस्तेमाल करते वक़्त आप पूरी सावधानी रखें और कभी भी Malicious Website पर VISIT न करे।

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Comments (4)

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  1. Dagesh kumar vishwakarma

    computer ke bare me apne kafi achi janakari di hai

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